राहुल गांधी के आधिकारिक चुनावी हलफनामों, अदालती रिकॉर्ड और सार्वजनिक दस्तावेजों के अनुसार, भारत के विभिन्न राज्यों में उनके खिलाफ लगभग 19 आपराधिक मामले/शिकायतें दर्ज हैं।
मामलों का श्रेणीवार विवरण
- आपराधिक मानहानि के मामले (अधिकांश मामले):
- “मोदी सरनेम” टिप्पणी: 2019 के चुनावी भाषण को लेकर गुजरात, बिहार और झारखंड में कई शिकायतें दर्ज की गईं। (सूरत अदालत द्वारा दी गई सजा पर 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी थी)।
- आरएसएस (RSS) पर टिप्पणी: संघ से जुड़े सदस्यों द्वारा ऐतिहासिक व राजनीतिक घटनाओं को लेकर दिए गए बयानों पर भिवंडी (महाराष्ट्र), असम और हरिद्वार में शिकायतें दर्ज कराई गईं।
- वी.डी. सावरकर पर टिप्पणी: सावरकर पर दिए गए बयानों (ब्रिटेन में दिए भाषण सहित) को लेकर महाराष्ट्र में मानहानि की शिकायतें दर्ज की गईं (जैसे कि सावरकर के प्रपौत्र द्वारा दर्ज मामला)।
- राजनीतिक नेताओं पर टिप्पणी: चुनावी रैलियों के दौरान अमित शाह और अन्य भाजपा नेताओं के खिलाफ दिए गए बयानों को लेकर दर्ज मामले।
- अहमदाबाद जिला सहकारी (ADC) बैंक मामला: नोटबंदी के बाद लगाए गए आरोपों को लेकर बैंक और उसके चेयरमैन द्वारा दायर मानहानि का मुकदमा।
- विशेष एवं वैधानिक एफआईआर / पुलिस मामले:
- पॉक्सो (POCSO) / जुवेनाइल जस्टिस एक्ट मामला (दिल्ली पुलिस एफआईआर): 2021 में एक नाबालिग पीड़िता के परिजनों की पहचान सोशल मीडिया पर उजागर करने के आरोप में दिल्ली में दर्ज एफआईआर।
- कॉपीराइट / आईटी एक्ट मामला (बेंगलुरु): भारत जोड़ो यात्रा के दौरान फिल्म KGF चैप्टर 2 के एक गाने के कथित अनधिकृत उपयोग को लेकर एमआरटी (MRT) म्यूजिक द्वारा दर्ज एफआईआर।
- असम पुलिस एफआईआर (2024): भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान गुवाहाटी में रास्ता रोकने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और गैरकानूनी जमावड़े के आरोप में दर्ज मामला।
- वित्तीय एवं कॉर्पोरेट विवाद:
- नेशनल हेराल्ड मामला: सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत में दायर एक निजी आपराधिक शिकायत, जिसमें यंग इंडियन लिमिटेड और एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड से जुड़े धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात के आरोप शामिल हैं।
विदेश में दर्ज मामले
- विदेश में कोई एफआईआर या आपराधिक मामला दर्ज नहीं है: विदेशी क्षेत्राधिकार (जैसे ब्रिटेन या अमेरिका) में भारतीय पुलिस की एफआईआर दर्ज नहीं की जा सकती। हालांकि, विदेश यात्राओं के दौरान दिए गए बयानों (जैसे लंदन में भाषण) को लेकर उनके राजनीतिक विरोधियों ने भारत के भीतर शिकायतें दर्ज कराई हैं, लेकिन किसी भी विदेशी पुलिस एजेंसी या अदालत में उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।








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